मलेशिया में द्विपक्षीय वार्ता में बोले प्रधानमंत्री मोदी, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मित्र देशों का समर्थन

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पुत्राजाया, 09 फरवरी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मलेशिया दौरे के दूसरे दिन कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मित्र देशों का समर्थन अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत और मलेशिया दोनों मानते हैं कि दोनों देशों की समृद्धि एक-दूसरे से जुड़ी हुई है और वैश्विक अस्थिरता के मौजूदा माहौल में दोनों समुद्री पड़ोसी देशों को अपने द्विपक्षीय संबंधों की पूरी क्षमता का उपयोग करना चाहिए।

मलेशिया की प्रशासनिक और न्यायिक राजधानी पुत्राजाया में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की। बैठक के बाद संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशियाई नेतृत्व और सरकार द्वारा किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मलेशिया की उनकी यह यात्रा भारत-मलेशिया संबंधों को नए स्तर पर ले जाने के संकल्प को दर्शाती है। बीते वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में उल्लेखनीय गति और गहराई आई है, जिसमें कृषि, विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, कौशल विकास और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। रक्षा और सुरक्षा सहयोग में भी निरंतर विस्तार हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने आशियान की सफल अध्यक्षता के लिए प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि मलेशिया के सहयोग से भारत-आसियान संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे। दोनों देशों के रिश्तों की असली ताकत पीपल-टू-पीपल टाई है। भारतीय मूल के लगभग 30 लाख मलेशियाई नागरिक भारत और मलेशिया के बीच एक सजीव सेतु की तरह हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय प्रवासी समुदाय से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि मलेशिया में भारतीय डायस्पोरा का प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के प्रति सम्मान और स्नेह देखकर उन्हें गर्व की अनुभूति हुई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और मलेशिया वैश्विक अस्थिरता के इस दौर में दो महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी हैं और दोनों देशों को सहयोग के हर क्षेत्र में विस्तार और प्रगाढ़ता लाने के लिए मिलकर काम करना होगा। उन्होंने दोहराया कि भारत, मलेशिया के साथ साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।