धमतरी, 07 फ़रवरी । जिले में माओवादियों के लगातार समर्पण के बाद धमतरी, गरियाबंद और ओड़िशा सीमा पर माओवादी संगठन पूरी तरह से कमजोर पड़ चुका है। धमतरी जिला माओवादमुक्त होने के कगार पर पहुंच चुका है। माओवाद उन्मूलन अभियान के तहत शनिवार काे सर्चिंग पर निकले डीआरजी टीम धमतरी को माओवादियों द्वारा किए हथियार के डंप मिला है, जिसे जवानों ने जंगल से बरामद किया है। जब्त हथियार में बीजीएल, रायफल व विस्फोटक सामग्री शामिल है।
नगरी ब्लाक के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से माओवादी गतिविधियों की भनक नहीं लग रही है। जिले सहित सीमावर्ती माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में माओवाद उन्मूलन के लिए सर्चिंग अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। इस कड़ी में धमतरी पुलिस डीआरजी की टीम को माओवाद सर्चिंग के दौरान माओवादियों द्वारा पहले से डंप किया हुआ हथियार मिला है, जिसे जवानों ने जब्त कर लिया है। एसपी सूरज सिंह परिहार ने बताया कि डीआरजी टीम चंदनबाहरा एवं सेमरा क्षेत्र, थाना मैनपुर, जिला गरियाबंद में माओवाद विरोधी सर्चिंग अभियान पर रवाना हुई थी।
सर्चिंग के दौरान आत्मसमर्पित माओवादी भूमिका एवं अमिला की निशानदेही पर थाना मैनपुर क्षेत्रांतर्गत सेमरा पहाड़, जिला गरियाबंद से माओवादियों द्वारा छुपाकर एवं डंप कर रखे गए हथियार एवं विस्फोटक सामग्री को बरामद किया गया है। बरामद हथियारों में एक नग बीजीएल बैरल ग्रेनेड लांचर रायफल, एक नग आठ एमएम रायफल, तीन नग बीजीएल ग्रेनेड, आठ नग बीजीएल के खाली कार्टिज, गन पाउडर 25 ग्राम और एक नग पोच शामिल है। जवानाें ने सभी जब्त सामग्री को विधिवत बरामद कर कार्रवाई कर रही है। जिले के सघन वनांचल ब्लाक नगरी के अधिकांश गांव माओवाद प्रभावित है। इन गांवों में सुरक्षा के मद्देनजर डीआरजी, सीआरपीएफ, सीएएफ व पुलिस समेत अन्य फोर्स के जवान तैनात होकर सुरक्षा प्रदान कर रहे थे। इस बीच माओवादियों की चहल कदम कम हो गई थी। वर्ष 2025 में बस्तर में लगातर माओवादियों के आत्मसमर्पण के बाद धमतरी जिला में भी वर्ष 2025 व 2026 में माओवादी लगातार आत्मसमर्पण कर रहे हैं, इससे जिले में माओवादी संगठन काफी कमजोर हो चुका है।