विभाग की किरकिरी के बाद झोलाछाप पर एफआईआर, बिना डिग्री करता रहा ऑपरेशन

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बरेली, 07 फरवरी । जिला अस्पताल में बुधवार को हुए हंगामे ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सनराइज कॉलोनी में बिना डिग्री और पंजीकरण के संचालित पृथ्वी फार्मा क्लीनिक पर कार्रवाई तब तेज हुई, जब पीड़ित परिवार युवक को लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंचा और धरने पर बैठ गया। मामला तूल पकड़ने पर एसीएमओ अमित कुमार ने शनिवार काे आरोपित जयवीर के खिलाफ बारादरी थाने में एफआईआर दर्ज कराई।

आरोप है कि जयवीर लंबे समय से खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज कर रहा था। बारादरी के डोहरा गौटिया निवासी शिशुपाल ने बताया कि करीब एक माह पहले उनके बेटे अजय को पेट दर्द की शिकायत हुई थी। जांच रिपोर्ट लेकर वे पीलीभीत बाईपास रोड स्थित उक्त क्लीनिक पहुंचे। वहां जयवीर ने पेशाब की जगह में पानी भरने की बात कहकर ऑपरेशन कर दिया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद 25 दिन तक क्लीनिक में ही पट्टी की जाती रही, तीन बार टांके लगाए गए, लेकिन रक्तस्राव बंद नहीं हुआ और युवक की हालत बिगड़ती चली गई।

परिजनों ने 13 जनवरी को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। 14 जनवरी को जांच टीम मौके पर पहुंची तो जयवीर के पास न मेडिकल डिग्री मिली, न ही पंजीकरण। दस्तावेज न दिखा पाने पर क्लीनिक सील कर दिया गया, लेकिन आगे की कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग ने उस समय सिर्फ खानापूर्ति की।

बुधवार को पीड़ित परिवार युवक को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और सीएमओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ने पर सीएमओ विश्राम सिंह ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद एसीएमओ ने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया।

मामले में स्वास्थ्य विभाग पर संरक्षण के आरोप भी लग रहे हैं। लोगों का कहना है कि क्लीनिक लंबे समय से चल रहा था और अधिकारियों को जानकारी थी। यदि पहले कार्रवाई होती तो युवक की जान जोखिम में न पड़ती। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।