हिमाचल में बर्फबारी के बाद खुला मौसम, निचले इलाकों में कोहरे की मार

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शिमला, 04 फ़रवरी । हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और कुछ स्थानों पर बारिश के बाद अब मौसम खुल गया है। पर्यटन स्थलों शिमला, मनाली समेत राज्य के कई हिस्सों में बुधवार को सुबह से धूप खिली है। जनजातीय ज़िलों लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों में भी मौसम साफ है।

हालांकि साफ मौसम के बावजूद पहाड़ों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है और लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 12.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। किन्नौर के कल्पा में माइनस 5.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जहां 10.8 सेंटीमीटर बर्फबारी भी हुई, जबकि कुफरी में भी हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। शिमला में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री, मनाली में माइनस 0.5 डिग्री, धर्मशाला में 4.6 डिग्री, सोलन में 2.0 डिग्री, मंडी में 5.5 डिग्री, पालमपुर में 6.0 डिग्री, कांगड़ा में 4.5 डिग्री, ऊना में 6.4 डिग्री, नाहन में 8.6 डिग्री, बिलासपुर में 7.0 डिग्री,

राज्य के मैदानी और निचले इलाकों में ठंड के साथ-साथ घना कोहरा लोगों की परेशानी बना हुआ है। बिलासपुर में सुबह के समय बेहद घना कोहरा छाया रहा और दृश्यता घटकर सिर्फ 30 मीटर तक रह गई, जबकि सुंदरनगर में दृश्यता करीब 100 मीटर और मंडी में लगभग 200 मीटर रिकॉर्ड की गई।

मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक राज्य के निचले और मैदानी इलाकों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वानुमान के मुताबिक आज और कल यानी 4 और 5 फरवरी को प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में मौसम साफ रहेगा, हालांकि ठंड से राहत नहीं मिलेगी। 6 फरवरी को ऊंचे और पहाड़ी इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार हैं, इसके बाद 7 और 8 फरवरी को एक बार फिर मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है। वहीं 9 और 10 फरवरी को पूरे हिमाचल प्रदेश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण व्यापक रूप से बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।

बीते 24 घंटों में भुंतर, पालमपुर और सियोबाग जैसे क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि मनाली और आसपास के इलाकों में भी वर्षा हुई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण फरवरी के पहले पखवाड़े में मौसम में बार-बार बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे जहां एक ओर पहाड़ों में ठंड और बढ़ेगी, वहीं मैदानी इलाकों में कोहरे और शीतलहर जैसी स्थिति बनी रह सकती है।