प्रदर्शन देखने को मिला, जिसने दर्शकों को अंत तक जोड़े रखा।
पहले
मुकाबले में सोनीपत स्टार्स और भिवानी बुल्स के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। पहला
हाफ बेहद रोमांचक रहा और भिवानी ने मामूली बढ़त के साथ मध्यांतर में प्रवेश किया। दूसरे
हाफ में सोनीपत स्टार्स ने संयमित रणनीति के साथ खेल का रुख बदल दिया। अयान लोहचब ने
रेडिंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सुपर 10 पूरा किया और एक अहम ऑल आउट दिलाकर टीम
को बढ़त दिलाई।
भिवानी की ओर से देवांक दलाल ने भी सुपर 10 के साथ जोरदार जवाब दिया।
डिफेंस में परवेश मलिक ने हाई 5 हासिल किया, लेकिन अंतिम क्षणों में अयान लोहचब की
दो अंकों वाली डू ऑर डाई रेड निर्णायक साबित हुई। सोनीपत स्टार्स ने यह मुकाबला
31–28 से अपने नाम किया।
गुरुवार
रात को हुए दूसरे मुकाबले में मैच संख्या 10 के तहत करनाल किंग्स ने फरीदाबाद फाइटर्स
को 40–34 से हराया। करनाल ने शुरुआत से आक्रामक खेल दिखाया, जबकि फरीदाबाद के युवा
रेडर ईशांत ने निडर रेड्स करते हुए सुपर रेड से मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। अक्षीत
ढुल की लगातार सफल रेड्स के सहारे करनाल ने पहला हाफ बढ़त के साथ समाप्त किया। दूसरे
हाफ में ईशांत और रोहित गुलिया ने सुपर 10 पूरे कर फरीदाबाद की वापसी कराई, लेकिन निर्णायक
पलों में सुरेंद्र गिल, अक्षीत ढुल और डिफेंस में रोहित नंदल के हाई पांच ने करनाल
की जीत सुनिश्चित कर दी। इन मुकाबलों ने साफ कर दिया कि कबड्डी चैंपियंस लीग उभरती
प्रतिभाओं के लिए एक मजबूत मंच बन चुकी है, जहां युवा और अनुभवी खिलाड़ी मिलकर खेल
को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।