कटिहार, 28 जनवरी । जीविका कटिहार द्वारा नई चेतना राष्ट्रीय अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें लैंगिक समानता और महिलाओं के अधिकारों पर चर्चा हुई। इस कार्यशाला में जिला एवं प्रखंड स्तर के जीविका कर्मियों और डाक कोआर्डिनेटर यक्षमा दीदी ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में लिंग आधारित भेदभाव के प्रति जागरूकता लाना और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग करना था। जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक इंद्र शेखर इंदु ने कहा कि महिलाओं को अवसर देने से वे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं हर रूप में श्रेष्ठ हैं और उन्हें अपने परिवार द्वारा पढ़ने और आगे बढ़ने का अवसर मिलना ही चाहिए।
कार्यशाला में प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। दीदी अधिकार केंद्र बरारी की मिट्ठु दीदी ने बताया कि जीविका दीदियों ने घरेलू हिंसा और बाल विवाह रोकने के लिए कार्य किया। दीदी अधिकार केंद्र मनिहारी की पिंकी चौरसिया ने कहा कि जीविका से जुड़कर उन्हें अपने अधिकारों का ज्ञान हुआ, आत्मनिर्भरता आई और समाज में एक पहचान मिली।
कार्यक्रम में सभी ने घरेलू हिंसा पर अपने-अपने विचार रखे। फलका प्रखंड के बीपीएम प्रीति कुमारी ने कहा कि मानव गरिमा के विरुद्ध कोई भी आचरण हिंसा है और इसे रोकना समाज की जिम्मेदारी है।
कार्यशाला ने यह संदेश दिया कि लिंग समानता और हिंसा-रहित समाज ही प्रगतिशील भविष्य की नींव है। प्रतिभागियों के अनुभवों और विचारों ने यह स्पष्ट किया कि महिलाओं को अवसर और अधिकार मिलने पर वे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।