चंपावत, 27 जनवरी । उत्तरांचल उत्थान परिषद् के तत्वावधान में एक विशेष पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित किया गया। राजकीय प्रेक्षागृह, गोरलचैड़ में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण नेतृत्व और पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को सशक्त बनाना था। इसमें जिले के त्रिस्तरीय पंचायत और निकाय प्रतिनिधियों के साथ-साथ स्थानीय गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्रीय अधिकारी शामिल हुए।
सम्मेलन की अध्यक्षता प्रांत अध्यक्ष नरेन्द्र लडवाल ने की। मुख्य वक्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रांत प्रचारक चन्द्रशेखर ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायत प्रतिनिधि समाज और सरकार के बीच सेतु का काम करते हैं। उन्होंने ग्रामीण विकास, सामाजिक मूल्यों के संरक्षण और समरस समाज के निर्माण में जनप्रतिनिधियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
प्रांत सेवा प्रमुख पवन ने इस बात पर जोर दिया कि पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य, मौलिक अधिकार और पंच परिवर्तन जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। पवन ने प्रत्येक प्रतिनिधि से समाजहित में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी ने प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर गांव के जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि पंचायत लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी है, और इसकी सशक्तता सीधे ग्रामीण विकास तथा नागरिकों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने से जुड़ी है।
कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए जय गोल्ज्यू जन्मभूमि सांस्कृतिक कला मंच के कलाकारों ने दल नायक रघुराज के नेतृत्व में मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। सम्मेलन का संचालन जिला पंचायत सदस्य शैलेश जोशी और सह संयोजक मोहित पाठक ने किया।
इस अवसर पर विभाग प्रचारक वतन, सह विभाग प्रचारक जितेन्द्र, चंद्रकिशोर बोहरा, पालिकाध्यक्ष प्रेमा पांडेय, जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, सतीश पांडेय, जिपं सदस्य सचिन जोशी, मनीषा कालाकोटी, पुष्कर राम सहित बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और सभासद उपस्थित रहे। सम्मेलन ने पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और ग्रामीण विकास में उनकी प्रभावशाली भूमिका को रेखांकित करते हुए आगामी वर्षों में ग्रामीण प्रशासन में सक्रिय भागीदारी की दिशा स्पष्ट की।