मतदाता लोकतंत्र का आधार, जागरूक और सतर्क होना आवश्यक : अलका तिवारी

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रांची, 25 जनवरी । राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने रविवार को कहा कि मतदाता लोकतंत्र का आधार होता है और लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए मतदाता का जागरूक एवं सतर्क होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने राज्यवासियों को 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

अलका तिवारी रविवार को आर्यभट्ट सभागार, रांची में आयोजित राष्ट्रीय मतदाता दिवस–2026 समारोह को संबोधित कर रही थीं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि 25 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी और वर्ष 2011 से इस दिन को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर सभी मतदान केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से मतदाताओं को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक किया जाता है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि इस वर्ष भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम “माई वोट, माई इंडिया” तथा टैगलाइन “इंडियन सिटिजन एट द हार्ट ऑफ इंडियन डेमोक्रेसी” निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि मतदाता बिना किसी भय, प्रलोभन और जाति, धर्म, भाषा या समुदाय से ऊपर उठकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। यही भारत निर्वाचन आयोग का मूल उद्देश्य है, जिसे पूरा करने के लिए आयोग निरंतर नवीन तकनीकों और नवाचारों का उपयोग कर रहा है।

उन्होंने कहा कि मतदाता पंजीकरण और मतदाता जागरूकता एक सतत प्रक्रिया है। सभी पात्र भारतीय नागरिकों के नाम मतदाता सूची में दर्ज करने के लिए चार अर्हता तिथियां—1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर निर्धारित की गई हैं। इन तिथियों तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले योग्य नागरिक सरलता से मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं। महिला, पुरुष, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, पीवीटीजी और थर्ड जेंडर सहित सभी वर्गों के मतदाताओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना निर्वाचन आयोग की प्राथमिकता है।

इस अवसर पर राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में मतदान के लिए मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य है। 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची या वोटर कार्ड से संबंधित जानकारी मतदाता अपने बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) से आसानी से प्राप्त कर सकते हैं, जिसकी जानकारी सीईओ की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा शुरू की गई “बुक ए कॉल” सुविधा के माध्यम से मतदाता अपने बीएलओ से सीधे संपर्क कर सकते हैं। बीएलओ 48 घंटे के भीतर मतदाता से संपर्क कर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएंगे।

रवि कुमार ने कहा कि झारखंड में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण कार्य जारी है, जिसमें अब तक राज्य के 72 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग बीएलओ ऐप के माध्यम से पूरी कर ली गई है। पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ घर-घर जाकर स्टीकर चिपकाएंगे, जिसमें बीएलओ का मोबाइल नंबर और मतदाता के मकान का नंबर अंकित होगा।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड के पाकुड़ जिले को बेस्ट इलेक्शन डिस्ट्रिक्ट अवार्ड के लिए चयनित किया गया है, जो राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने सभी मतदाताओं से त्रुटिरहित और समग्र मतदाता सूची निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।

समारोह में जिला निर्वाचन पदाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने समापन भाषण दिया, जबकि संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार ने मतदाता शपथ दिलाई।