प्रोफेसर पदों पर सीधी भर्ती की विज्ञप्ति पर अंतरिम रोक

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जोधपुर, 24 जनवरी । राजस्थान हाइकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश मुन्नूरी लक्ष्मण की एकलपीठ ने विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पदोन्नति पदों पर सीधी भर्ती को अनुचित ठहराते हुए पांच विभागों वाले प्रोफेसर पदों पर सीधी भर्ती करने के लिए जारी विज्ञप्ति पर अन्तरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही राज्य सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग सचिव सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।

पाली स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत डॉक्टर गौरव कटारिया सहित चार अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता यशपाल खिलेंरी ने कोर्ट में रिट याचिका पेश कर बताया कि राजस्थान के राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसाइटी (राज-मेस) जयपुर के अधीन राज्य में संचालित कुल 23 राजकीय मेडिकल कॉलेजों के विभिन्न विभागों के लिए चिकित्सक शिक्षक यथा- सहायक आचार्य/प्रोफेसर, सह-आचार्य, प्रोफेसर/आचार्य और वरिष्ठ आचार्य पद सहित अन्य सृजित है औऱ इन पदों पर भर्ती के लिए राज्य में सेवा नियम बने हुए हैं।

याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति वर्ष 2018 में संबंधित विषय विशेषज्ञता वाले विभागों क्रमश: ईएनटी, नेत्र, मानसिक-रोग, टीबी चेस्ट, और त्वचा व यौन रोग विभाग में सहायक प्रोफेसर के नियमित पदो पर हुईं थीं, तब से ही याचिकाकर्ता लगातार सेवारत हैं। वर्तमान में राज-मेस अधीन संचालित मेडिकल कॉलेजो मे चिकित्सक शिक्षकों के पद पर भर्ती और प्रमोशन के लिए 2024 के नियम बने हुए हैं और वर्ष 2022 में याचिकाकर्ताओ की नियमानुसार प्रथम पदोन्नति सह आचार्य पद पर की जा चुकी हैं औऱ वर्तमान में नेशनल मेडिकल कमिशन/एमनएमसी के रेग्युलेशन-2022 अनुसार निर्धारित योग्यता, पीजी डिग्री एवं तीन साल के कार्य अनुभव वाले सह-आचार्य पदोन्नति वाले प्रोफेसर पद पर पदोन्नत होने हेतू योग्य हैं।

अधिवक्ता खि़लेरी ने बताया कि राज्य सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग के सभी सेवा नियमों के अनुसार प्रोफेसर का पद पदोन्नति से ही भरा जा सकता है और सभी याचिकाकर्ता उक्त पद पर पदोन्नत होने के लिए समस्त योग्यता रखते हैं। इसके बावजूद उक्त पदोन्नति से भरे जा सकने वाले प्रोफेसर पद को सीधी भर्ती के जरिए भरे जाने के लिए विधि विरुद्ध विज्ञप्ति जारी कर दी गई जिससे याचिकाकर्ताओ जैसे सभी सह-आचार्य पद पर कार्यरत के हितों पर सीधा कुठाराघात है और पदोन्नति के पद पर सीधी भर्ती करना असंवैधानिक और गलत है जबकि पदोन्नति के लिए योग्य कार्मिक उपलब्ध हैं। रिट याचिका की प्रारम्भिक सुनवाई पर संबंधित नियमों व रिकॉर्ड का अनुशीलन कर राजस्थान उच्च न्यायालय ने पदोन्नति पदो पर सीधी भर्ती करने को अनुचित ठहराते हुए याचिकाकर्ताओं के सम्बंधित पांच विभागों वाले प्रोफेसर पदों पर सीधी भर्ती करने के लिए जारी विज्ञप्ति पर अन्तरिम रोक लगाते हुए मामले की अगली सुनवाई सात मार्च को नियत की।