निजी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत

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सारण, 24 जनवरी । जिले के मढ़ौरा थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल आर पी सी हॉस्पिटल में डॉक्टर की कथित लापरवाही के कारण प्रसव के दौरान जच्चा और नवजात शिशु की मौत का मामला प्रकाश में आया है।

इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। मृतका की पहचान तरैया थाना क्षेत्र के भटौरा गांव निवासी संदीप शर्मा की 30 वर्षीय पत्नी तारामुन्नी देवी के रूप में हुई है।

परिजनों का आरोप है कि प्रसव पीड़ा होने पर महिला को पहले सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां तैनात आशा कार्यकर्ता ने परिजनों को बहला- फुसलाकर बेहतर इलाज का झांसा दिया और रेफरल अस्पताल के प्रभारी के निजी अस्पताल आर पी सी हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया।

मृतका के पति संदीप शर्मा ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 9 बजे ईलाज के दौरान पहले नवजात की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल के स्टाफ ने स्थिति गंभीर बताते हुए आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर मरीज को छपरा रेफर कर दिया। हालांकि छपरा पहुंचने से पहले मिर्जापुर के समीप ही तारामुन्नी देवी ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद जब परिजन शव लेकर वापस आर पी सी हॉस्पिटल पहुंचे तो वहां का सारा स्टाफ फरार हो चुका था।

देखते ही देखते स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ जमा हो गई और लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों और परिजनों का दावा है कि यह अस्पताल मढ़ौरा रेफरल अस्पताल में कार्यरत प्रभारी चिकित्सक द्वारा संचालित किया जाता है। लोगों का कहना है कि पहले भी यहाँ ऐसी घटनाएं हो चुकी है लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और परिजनों से पूछताछ कर मामले की जानकारी ली। ग्रामीण और मृतका के पति दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।