रखना ही गलत था वहीं अब निकालना और भी गलत है।
दलबीर किरमारा ने कहा कि नगर निगम के बाहर सफाई कर्मचारी पिछले काफी दिनों
से धरने पर बैठे हैं और वे केवल काम मांग रहे हैं। निगम के अधिकारी व मेयर उनकी बात
को अनसुनी करके हर रोज ऐसे निकल जाते हैं, जैसे उनके गेट पर कुछ हो ही न रहा हो। उन्होंने
कहा कि सफाई का काम निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, यह पहले भी हो रहा था, अब भी हो
रहा है और आगे भी होगा।
ऐसे में इन कर्मचारियों को केवल तीन या छह माह की बात कहकर
लगाना ही गलत था। शहर की सफाई व्यवस्था में सफाई कर्मचारियों का जो महत्वपूर्ण योगदान
है, उसे नकारा व भूला नहीं जा सकता। ऐसे में सफाई कर्मचारियों की भर्ती स्थाई तौर पर
होनी चाहिए और उन्हें पूरा वेतन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि निगम के बाहर बैठे निकाले
गए सफाई कर्मी केवल काम मांग रहे हैं और सरकार व निगम प्रशासन उन्हें काम नहीं दे पा
रहे हैं, जो निंदनीय है। निगम प्रशासन ये स्पष्ट करें कि क्या अब सफाई व्यवस्था का
काम बंद कर दिया गया है? जिसके चलते इनकी जरूरत नहीं है।