झाबुआ: अध्यात्म के माध्यम से जनजातीय लोगों का जीवन रुपांतरित करने वाले डॉ महेन्द्र उपाध्याय पंचतत्व में विलीन

Share

झाबुआ: मध्य प्रदेश, 19 जनवरी । मध्य प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य झाबुआ जिला के थांदला जनपद में श्री राम शरणम् आश्रम के संचालक के रूप में राम मंत्र दीक्षा के माध्यम से आम लोगों के जीवन को रुपांतरित कर उन्हें सन्मार्ग की ओर उन्मुख करने में अपनी अहम भूमिका निभाने एवं जिले में आध्यात्मिक गतिविधियों को सुदृढ़ आधार प्रदान करने वाले डॉ महेन्द्र उपाध्याय का सोमवार को निधन हो गया।

उनके निधन को संपूर्ण जिले की आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अपूरणीय क्षति के रूप में विवेचित किया गया है। डॉ उपाध्याय के निधन के बाद स्थानीय मुक्ति धाम पर विभिन्न संस्थाओं के प्रमुखों द्वारा दी गई श्रद्धांजलि में उनके अवसान से उपजी रिक्तता को रैखांकित किया गया, ओर उन्हें आध्यात्म पथ प्रदर्शक, सेवाभावी चिकित्सक एवं एक समाज सेवक के रूप में स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि समर्पित की गई।।

उल्लेखनीय है कि श्री राम शरणम् आश्रम के संचालक, नाम महामंत्र के उपासक, श्री गणेश मंदिर ट्रस्ट एवं लायंस क्लब थांदला के पूर्व अध्यक्ष, सरस्वती शिशु मंदिर प्रबंध समिति पदाधिकारी, सामाजिक सेवा में अग्रणी एवं लोकप्रिय सेवाभावी चिकित्सक डॉ महेन्द्र उपाध्याय (74वर्ष) का अल्प बीमारी के बाद आज निधन हो गया। डॉ उपाध्याय की शवयात्रा में बड़ी संख्या में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि मुक्ति धाम पहुंचे थे। मुक्ति धाम में हुई शोकसभा में नगर सहित जिले की विभिन्न संस्थाओं के प्रमुख लोगों ने उनके समग्र जीवन को आध्यात्म प्रेरित, चिकित्सक के रूप में सेवा कार्य में अग्रणी, सामाजिक एवं शिक्षा हेतु समर्पित एवं अनुकरणीय बताते हुए उनकी स्वच्छ एवं पारदर्शी सेवाभावी कार्य प्रणाली की सराहना की। बड़ी संख्या में नौगावा नदी स्थित मुक्ति धाम पहुंचे लोगों ने भी दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि समर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की।