खूंटी के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रसिकेश कुमार ने कहा कि न्यायालय और समाहरणालय की दूरी कम हो गई है। न्यायपालिका और कार्यपालिका मिलकर जनता को न्याय और योजनाओं का लाभ दिलाएं। प्रधान जिला जज रविवार को राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के तत्वावधान में तोरपा प्रखंड परिसर में आयोजित विधिक जागरूकता सह सशक्तिकरण शिविर को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
इसके पूर्व उन्होंने उपायुक्त आर रोनिता और अन्य अतिथियों के साथ दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया। अतिथियों का स्वागत करते हुए तोरपा के बीडीओ नवीन चन्द्र झा ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके विधिक अधिकारों एवं सरकार की ओर से संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना है। उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए प्रधान जिला जज ने कहा कि हर व्यक्ति को अपना अधिकार पाने का हक है। जरूरत जागरूक होने की है।
उपायुक्त आर. रॉनिता ने कहा कि सभी ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों एवं सरकार द्वारा चलाई जा रही पेंशन, छात्रवृत्ति सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी होना आवश्यक है। जानकारी के अभाव में कई लोग योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते। ऐसे में विधिक सहायता शिविरों में आवेदन देकर लोग लाभ ले सकते हैं, जिनका समयबद्ध निष्पादन किया जाएगा। मौके पर कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि कोई भी महिला या व्यक्ति जो मानसिक उत्पीड़न, आपदा अथवा किसी भी प्रकार की हिंसा का शिकार है, वह डालसा में आवेदन देकर निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकता है। जेल में बंद ऐसे कैदी जो निजी अधिवक्ता रखने में असमर्थ हैं, उन्हें भी डालसा की ओर से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है।
इस अवसर पर तृप्ति और वात्सल्य योजना की जानकारी भी दी गई। साथ ही बताया गया कि 15100 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर कोई भी व्यक्ति विधिक सहायता प्राप्त कर सकता है। पति-पत्नी विवाद, घरेलू हिंसा सहित विभिन्न पारिवारिक मामलों का समाधान मध्यस्थता के माध्यम से किया जाता है। कार्यक्रम में चीफ लीगल एंड डिफेंस काउंसिल राजीव कमल, अपार समाहर्ता परमेश्वर मुंडा, सुनीता गोप, अंचलाधिकारी पूजा बिनहा शूट अन्य मौजूद थे।