अनूपपुर: हाथी के हमले से गंभीर रूप से घायल वृद्ध की उपचार दौरान मौत

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अनूपपुर, 16 जनवरी । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के जैतहरी नगर में हाथियों के आतंक ने एक वृद्ध की जान ले ली। गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात वार्ड क्रमांक तीन पथरहा टोला में तीन हाथियों के समूह ने 80 वर्षीय वृद्ध पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तत्काल जिला चिकित्सालय अनूपपुर लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीन हाथियों का यह समूह बीते लगभग 25 दिनों से जैतहरी क्षेत्र में विचरण कर रहा है। हाथी जंगल से निकलकर आसपास के ग्रामीण इलाकों में प्रवेश कर रहे हैं और रात के समय भोजन की तलाश में खेतों और बाड़ियों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बताया गया है कि पिछले दो दिनों से हाथियों ने एक ही क्षेत्र में डेरा जमा रखा था और रात होते ही भोजन की तलाश में निकल पड़ते थे।

गुरुवार-शुक्रवार की रात तीनों हाथी पचौहा के पाठबाबा जंगल से निकलकर टकहुली और लहरपुर होते हुए नगरपरिषद जैतहरी के वार्ड क्रमांक 3 पथरहा टोला पहुंचे। यहां खेत में बने घर के पास स्थित खलिहान में 80 वर्षीय हंशलाल राठौर बाहर निकले हुए थे। इसी दौरान अचानक उनका आमना-सामना हाथियों से हो गया। हाथियों को देखते ही वृद्ध संभल भी नहीं पाए और एक हाथी ने उन्हें सूंड से पकड़कर जमीन पर पटक दिया। इसके बाद हाथी ने पैर से दबाकर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।

घटना के बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा घायल वृद्ध को तत्काल जिला चिकित्सालय अनूपपुर ले जाया गया। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना से परिवार में कोहराम मच गया है। घटना के बाद भी तीनों हाथी देर रात तक जैतहरी और लहरपुर ग्राम के आसपास विचरण करते रहे। इस दौरान उन्होंने खेतों और बाड़ियों में लगी विभिन्न प्रकार की फसलों को नुकसान पहुंचाया। सुबह होते ही हाथी वापस जंगल की ओर चले गए।

लगातार हो रही हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोगों ने वन विभाग से हाथियों की निगरानी बढ़ाने, गांवों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने तथा प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।