शिमला : बिजली के खम्भों से तीन हज़ार मीटर लंबी तारें उड़ा ले गए चोर

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शिमला, 03 जनवरी । जिन तारों को हाथ डालने में बिजली बोर्ड के कर्मचारी भी डरते हैं, उन्हीं तारों को अज्ञात शातिर काट कर ले जा गए। चुराई गई तारों की कीमत लाखों में है। हैरान कर देने वाली चोरी की ये वारदात शिमला जिले के सुन्नी थाना क्षेत्र में बिजली लाइन से तारें चोरी होने का मामला सामने आया है। चोर बिजली के खम्भों पर चढ़कर तीन हज़ार मीटर लंबी तारें चुरा ले गए।

इस संबंध में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305(ई) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार यह शिकायत नवीन कुमार पुत्र ठाकुर चंद, निवासी गांव सिनवी, डाकघर कांगल, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला ने दर्ज करवाई है। नवीन कुमार एम/एस यूटीआरआई एचआर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। कंपनी का मुख्य कार्यालय शिमला के ढली स्थित एपीएमसी सब्जी मंडी के पास यूटीआरआई कॉम्प्लेक्स में है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी कंपनी को हिमाचल प्रदेश विद्युत विभाग द्वारा सुन्नी में निर्माणाधीन बांध के पास गुम्मा से खैरा तक 22 केवी हाई टेंशन बिजली लाइन बिछाने का काम आवंटित किया गया है। इस परियोजना के तहत गुम्मा से खैरा तक बिजली लाइन बिछाने का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। वर्तमान में गांव झाझर और काधरघाट के बीच काम चल रहा है, जहां करीब 14 मजदूर कार्यरत हैं।

नवीन कुमार ने बताया कि 2 जनवरी को सुबह करीब साढ़े नौ बजे साइट इंचार्ज मनोज कुमार ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि रात के समय कुछ अज्ञात लोगों ने गांव झाझर और काधरघाट के बीच बिजली के खंभों से तारें काटकर चोरी कर ली हैं। सूचना मिलने के बाद वह स्वयं मौके पर पहुंचे।

मौके पर पहुंचने पर पाया गया कि अज्ञात लोग करीब 30 फीट ऊंचे लोहे के बिजली खंभों पर चढ़े और वहां पहले से बिछाई गई एल्युमिनियम कंडक्टर तारें काटकर ले गए। चोरी की गई तारों का आकार 30/7/2.59 एमएम बताया गया है। कुल मिलाकर करीब 3000 मीटर लंबी तार चोरी हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग पांच लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। आसपास के इलाकों में पूछताछ की जा रही है और चोरी में शामिल लोगों की तलाश की जा रही है।