प्राथमिक शाला तिमेड़ में शाला प्रबंधन समिति की हुई बैठक, शैक्षणिक गतिविधियों की गई समीक्षा

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बीजापुर, 02 जनवरी । जिले के कलेक्टर संबित मिश्रा के नेतृत्व व सीईओ नम्रता चौबे एवं जिला शिक्षा अधिकारी लखन लाल धनेलिया के मार्गदर्शन में विकासखंड भोपालपटनम के अंतर्गत ग्राम पंचायत तिमेड़ स्थित प्राथमिक शाला तिमेड़ में आज शुक्रवार काे शाला प्रबंधन समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक शिक्षकगण एवं बीजादूतीर कार्यक्रम की सहभागिता से संपन्न हुई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सुरक्षा के प्रति अभिभावकों और समुदाय को जागरूक करना रहा। बैठक की अध्यक्षता शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुरेश पोर्टेटी ने की, सचिव शारदा तामडी उपस्थित रहीं। बैठक में स्थानीय शिक्षक शारदा देवी तामड़ी प्रधानपाठक, सुमन वाडेकर, संगीता नाग, समैया अभिभावक एवं बीजादूतीर ब्लॉक समन्वयक श्यामलता वासम एवं बीजादूतीर स्वयंसेवक अनुशा कुकड़ा, संतोषी पोर्टेटी , पी रीना ,चांदनी चिडे़म ,हेमलता कोमरम ,पूजा मंडावी स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

बैठक के दौरान विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। अभिभावकों को बच्चों के लिए घर में सुरक्षित एवं व्यवस्थित “पढ़ाई का कोना” तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया, जिस पर पालकों ने सहमति व्यक्त की।इसके साथ ही बच्चों एवं किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा (SEL) पर विस्तार से चर्चा की गई। बाल अधिकारों, बच्चों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकने तथा बाल संरक्षण से संबंधित जानकारी साझा की गई। बैठक में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के उपयोग और महत्व की जानकारी भी दी गई।

मानसिक स्वास्थ्य को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाने के लिए “साफ सीडी” गतिविधि आयोजित की गई, जिसमें पालकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस गतिविधि के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बच्चों का मन सकारात्मक और तनावमुक्त रखने से उनका व्यवहार और सीखने की क्षमता बेहतर होती है। इसके अतिरिक्त “सांप-सीढ़ी” खेल के माध्यम से सकारात्मक एवं नकारात्मक व्यवहार का बच्चों के मानसिक विकास पर प्रभाव समझाया गया। बैठक के अंत में उपस्थित अभिभावकों एवं समिति सदस्यों ने बच्चों के शैक्षणिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास हेतु विद्यालय को हर संभव सहयोग देने का संकल्प लिया। यह बैठक शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, अधिकारों एवं सकारात्मक पालन-पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।