क्लेम राशि नहीं देने पर बीमा कंपनी पर हर्जाना, बीमा राशि ब्याज सहित अदा करने के आदेश

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जयपुर, 31 दिसंबर । जिला उपभोक्ता आयोग क्रम 2 ने बीमित वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने पर उसकी बीमा राशि अदा नहीं करने पर बीमा कंपनी इफको टोकियो पर पचास हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। इसके साथ ही आयोग ने बीमा क्लेम के रूप में 8.32 लाख रुपये परिवाद पेश करने की तिथि से 9 फीसदी ब्याज सहित परिवादी के पक्ष में अदा करने को कहा है। आयोग अध्यक्ष ग्यारसीलाल मीना और सदस्य अजय कुमार व सुप्रिया अग्रवाल ने यह आदेश कबूल चन्द सैनी के परिवाद पर सुनवाई करते हुए दिए। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि वाहन के फोटोग्राफ से यह प्रतीत होता है कि दुर्घटना में वाहन टोटल लॉस हो गया था। ऐसे में सर्वेयर की रिपोर्ट को ठीक नहीं माना जा सकता।

परिवाद में अधिवक्ता गोपाल शास्त्री ने आयोग को बताया कि परिवादी ने विपक्षी बीमा कंपनी से साल 2016 में अपना वाहन का बीमा कराया था। वहीं बीमा अवधि के दौरान जनवरी 2017 उसके वाहन की दुर्घटना हो गई। इस पर परिवादी ने क्षतिग्रस्त वाहन को कंपनी के वर्कशॉप में भेजकर बीमा कंपनी को समस्त दस्तावेज उपलब्ध करा दिए। परिवाद में कहा गया कि बीमा कंपनी ने सितंबर, 2017 में बीमा क्लेम को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि परिवादी ने समय पर बीमा कंपनी को सूचना नहीं दी। इसे चुनौती देते हुए कहा गया कि आईआरडीए ने बीमा कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं कि घटना की जानकारी देरी से देने के आधार पर क्लेम के दावे को खारिज नहीं किया जाए। इसके बावजूद भी बीमा कंपनी ने उसके क्लेम को खारिज कर दिया। ऐसे में उसे बीमा राशि और हर्जाना दिलाया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए आयोग ने बीमा कंपनी पर हर्जाना लगाते हुए बीमा राशि ब्याज सहित अदा करने को कहा है।