जगदलपुर, 29 दिसंबर । राज्य शासन द्वारा सिकलसेल और एनीमिया जैसी गंभीर बीमारियों के उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे महाअभियान को बस्तर के सुदूर वनांचल में अब एक नई दिशा मिलने लगी है। राज्य को सिकलसेल मुक्त बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से गत दिवस तोकापाल विकासखंड के ग्राम पंचायत डोंगरीगुड़ा में स्वास्थ्य विभाग और बनयान रूफ फाउंडेशन के साझा प्रयासों से एक विशाल विश्लेषण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
बनयान रूफ फाउंडेशन के डायरेक्टर कुलदीप सिंह चौहान के विशेष मार्गदर्शन और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य केवल जाँच करना नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना था। विशेषज्ञों ने ग्रामीणों, विशेषकर बच्चों और उनके अभिभावकों को समझाया कि सिकलसेल कोई अभिशाप नहीं है। समय रहते पहचान और उचित चिकित्सकीय प्रबंधन से पीड़ित व्यक्ति भी एक सामान्य और खुशहाल जीवन जी सकता है। शिविर में सुबह से ही ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। फाउंडेशन के स्टेट कोऑर्डिनेटर प्रवीण कुमार के नेतृत्व में टीम ने पूरी तन्मयता से मोर्चा संभाला। लैब टेक्नीशियन सुगंध और नर्सिंग स्टाफ प्रियंका, चंद्रिका, कुसुम व गंगोत्री ने 300 से अधिक लोगों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया और परामर्श दिया।
इस आयोजन की सफलता के पीछे स्थानीय नेतृत्व और स्वास्थ्य अमले की सक्रिय भूमिका रही। स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ ने जहां तकनीकी सहयोग प्रदान किया, वहीं मैदानी स्तर पर ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती बसंती मौर्य ने मिसाल पेश की। उन्होंने अन्य पंचायत पदाधिकारियों के साथ घर-घर जाकर ग्रामीणों को प्रेरित किया और उन्हें शिविर तक लाने में महती भूमिका निभाई।