छपरा, सिवान और गोपालगंज से आए सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय कैंपस का घेराव कर कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए छात्र नेताओं ने कहा कि वर्तमान कार्यप्रणाली के कारण गरीब और ग्रामीण छात्रों के लिए उच्च शिक्षा पाना एक अभिशाप बन गया है। नेताओं ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार और जातीय भेदभाव का बोलबाला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो नए साल में विश्वविद्यालय का कामकाज ठप कर दिया जाएगा।
छात्र संगठन ने 14 सूत्री मांग पत्र सौंपा जिनमें सत्र 2023–27 रिजल्ट में सुधार, लंबित अंकपत्रों को तत्काल महाविद्यालयों में भेजा जाए, इंटरनल मार्क्स में 30 की जगह 40-50 अंक भरने की उच्चस्तरीय जाँच और दोषियों पर कार्रवाई, स्नातकोत्तर की परीक्षाएं छपरा, सिवान और गोपालगंज में ही कराई जाएं और परीक्षा का समय सुबह 10 बजे के बाद एक ही पाली में हो, पी.ए.एन. कॉलेज परसा और आर.बी.जी.आर. कॉलेज महाराजगंज में भौतिकी के शिक्षकों की तत्काल नियुक्ति, छात्र संघ के नाम पर ली गई राशि वापस करने और पीएचडी वायवा में आर्थिक शोषण रोकने की मांग प्रमुख रही।