शान्ता कुमार ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि राहुल गांधी का जर्मनी में यह कहना कि भारत में लोकतंत्र पर हमला हो रहा है और वोट चोरी से भाजपा सरकारें बनाई जा रही हैं, अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज की सबसे बड़ी खबर यही है कि भारतीय समाचार पत्रों ने राहुल गांधी के जर्मनी के बयान को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष के नेता का स्थान प्रधानमंत्री के बाद सबसे महत्वपूर्ण होता है लेकिन विपक्ष के नेता राहुल गांधी को यह तक ज्ञात नहीं है कि वे विदेश में भारत के नेता होते हैं, विपक्ष के नेता नहीं। उन्होंने कहा कि आज तक भारत के इतिहास में किसी भी विपक्ष के नेता ने विदेश जाकर भारत के विरुद्ध इस प्रकार के भाषण नहीं दिए।
शांता कुमार ने एक प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जब देश में कांग्रेस की सरकार थी और नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री थे, तब संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के लिए सांसदों का एक शिष्टमंडल भेजा गया था। उस शिष्टमंडल का नेतृत्व तत्कालीन विपक्ष के नेता अटल बिहारी वाजपेयी को सौंपा गया था। वाजपेयी ने न्यूयॉर्क में कश्मीर पर ऐसा भाषण दिया कि पूरी दुनिया को लगा मानो पूरा भारत बोल रहा हो।