कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डाॅ.खरे ने बताया कि बाल विवाह समाज में व्याप्त एक गंभीर सामाजिक कुरुति है, जो बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षणिक विकास को प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि 18 साल से कम आयु की लड़की एवं 21 साल से कम आयु के लड़के का विवाह करना कानूनी अपराध है।
डाॅ.खरे ने बताया कि बाल विवाह करवाने वाले, इस कुरुति में सहयोग करने या फिर किसी भी प्रकार से भागीदार बनने वाले व्यक्ति को दो साल तक का कारावास एवं एक लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों से अपील की वह जागरुकता फैलाएं तथा घटनाओं की जानकारी तुरंत शासन द्वारा जारी पुलिस हेल्पलाइन 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, अहिंसा टेलिफेयर सोसायटी के हेल्पलाइन नंबर 07372-255670 पर दें। उन्होंने यह भी बताया कि सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतःगोपयीन रखी जाती है। कार्यक्रम के अंत में एनएसएस योजना के कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला संगठक डाॅ.शैलेन्द्रकुमार मेवाड़ा ने बाल विवाह मुक्त अभियान की विस्तृत जानकारी दी साथ ही संदेश दिया कि आइए हम सब मिलकर बाल विवाह मुक्त भारत का निर्माण करें। कार्यक्रम में महाविद्यालय का स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।