इस अवसर पर महिलाओं के साथ जूना अखाड़ा (भिवानी-हरियाणा) के महामंडलेश्वर स्वामी संगम गिरी महाराज भी उपस्थित रहे ।उन्होंने यूक्रेन की महिला श्रद्धालुओं को पशुपतिनाथ मंदिर की भव्यता, ऐतिहासिक महत्व और आध्यात्मिक दिव्यता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। यूक्रेन से आए दल में कर्णेश्वरी भी शामिल थीं, जो माता काली की अनन्य भक्त हैं। अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन कर वे अत्यंत भावुक हो उठीं।
इस अवसर पर कर्णेश्वरी ने कहा किइस पावन स्थल पर आकर ऐसा अनुभव हुआ, मानो ईश्वर साक्षात आसपास उपस्थित हों। उन्होंने बताया कि उन्होंने भगवान पशुपतिनाथ से यूक्रेन में चल रहे युद्ध के अंत और शांति की बहाली के लिए प्रार्थना की है।
विदेशी श्रद्धालुओं की यह भावुक उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि भगवान पशुपतिनाथ का आध्यात्मिक प्रभाव देश-विदेश की सीमानओं से परे है। यह पवित्र स्थल शांति, करुणा, मानवता और विश्व बंधुत्व का संदेश देता है। अपनी अद्वितीय अष्टमुखी प्रतिमा और आध्यात्मिक विशेषताओं के कारण पशुपतिनाथ मंदिर की पहचान विश्वभर में है। यही कारण है कि देश के साथ-साथ विदेशी श्रद्धालु भी बाबा पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए निरंतर मंदिर पहुंच रहे हैं।