मप्र ने रचा नया रिकॉर्ड, पहली बार 19 हजार मेगावॉट से ऊपर पहुँची बिजली की मांग, 19113 मेगावाट की निर्बाध आपूर्ति

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12 दिसम्बर को प्रदेश में अब तक की सर्वाधिक 19हजार मेगावॉट की मांग दर्ज हुई। इसे पूरा करते हुए प्रदेश की बिजली व्यवस्था पूरे समय स्थिर रही। इससे पहले 09 दिसम्बर को ही मध्यप्रदेश ने 18,971 मेगावॉट की मांग पूरी कर नया रिकॉर्ड बनाया था। गत रबी सीजन में 20 दिसम्बर 2024 को 18,913 मेगावॉट की दर्ज मांग उस समय का उच्चतम स्तर था। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि प्रदेश की विद्युत प्रणाली और अधिक सक्षम, भरोसेमंद और तकनीकी रूप से मजबूत हुई है।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि अधिकतम डिमांड के समय ट्रांसमिशन लाइनों, पावर हाउस और सबस्टेशनों पर सतत निगरानी रखी गई। सभी बिजली कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय के कारण पूरे प्रदेश में कहीं भी बिजली बाधित नहीं हुई। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जनरेशन और ट्रांसमिशन दोनों मोर्चों पर दक्ष प्रबंधन के कारण ग्रिड पूरी तरह स्थिर रहा। बढ़ती मांग के बावजूद किसी भी क्षेत्र में वोल्टेज या लोड संबंधी समस्या नहीं आई। उन्होंने इस उपलब्धि पर सभी विद्युत कार्मिकों को बधाई देते हुए इसे “टीम वर्क और तकनीकी उत्कृष्टता का परिणाम” बताया।

विभिन्न स्रोतों से प्राप्त बिजली का विवरण –

ताप विद्युत गृह – 3798 मेगावाट

जल विद्युत गृह – 909 मेगावाट

नवकरणीय ऊर्जा स्रोत – 1699 मेगावाट

बैंकिंग – 2250 मेगावाट

अन्य स्रोत (एनटीपीसी सहित) – 10457— मेगावाट