ग्रामीण इंद्रेश सैनी, सतीश कुमार, रगबीर सिंह, राजेश कुमार सहित कई लोगों ने बताया कि जिस स्थान पर लगातार जलभराव की स्थिति बन रही है, उसके आसपास राजकीय प्राथमिक पाठशाला, उच्च प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। बच्चों को रोजाना गंदे पानी से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है, जिससे उन्हें खासा कष्ट झेलना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के चलते मार्ग पर गंदगी फैल रही है, जिससे मक्खी-मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। गांव में संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है। कई बार संबंधित विभागों को नालियों के निर्माण के लिए अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नालियों का निर्माण कर समस्या का समाधान नहीं कराया गया, तो वे धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।