उपभोक्ताओं का कहना है कि कोई भी बिल बकाया नही है साथ ही सभी मीटर सही तरीके से काम कर रहे थे। ठेकेदार द्वारा न तो कोई मीटर बदलने संबंधित सरकारी आदेश बताया गया और न ही उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार अनुमति ली गई। बिना अनुमति के किया गया यह कार्य सुनियोजित अपराध की श्रेणी में आता है। ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाए। बिना अनुमति के मीटर बदले गए है, जिनमें मोतीलाल, शशि, प्रेमनारायण शर्मा, अब्दुल जफारखां, बालकिशन, जेबूभाई सहित अन्य शामिल है।
रहवासियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले जागरुकता अभियान चलाया जाना चाहिए, जिससे पता लगा सके कि स्मार्ट मीटर लगवाने से क्या लाभ है, क्या हानि है। रहवासियों के विरोध को देखते हुए फिलहाल विद्युत कंपनी व ठेकेदारों द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य बंद कर दिया गया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि मामले में कार्रवाई नही की गई तो पीपल चैराहा पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।