एनएसयूआई, रांची विश्वविद्यालय के महासचिव अबू राफ़े अंसारी सहित अन्य छात्र नेताओं ने कहा कि कॉलेज में उर्दू, नागपुरी, इंग्लिश, एंथ्रोपोलॉजी, संस्कृत सहित कॉमर्स विभाग में भी एक भी शिक्षक उपलब्ध नहीं है। इसके कारण सैकड़ों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कक्षाएं नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं।
मौके पर छात्रों ने बताया कि कॉलेज में पीने योग्य स्वच्छ पानी की व्यवस्था नहीं है। शौचालयों की हालत भी अत्यंत खराब है, इससे छात्र-छात्राओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने यह भी बताया कि नए विद्यार्थियों को अब तक आइडेंटिटी कार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसके चलते छात्र लाइब्रेरी का उपयोग भी नहीं कर पा रहे हैं।
धरने के दौरान एनएसयूआई रांची विश्वविद्यालय महासचिव अबू राफे ने कॉलेज प्रशासन को सात दिनों की समय-सीमा दी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सात दिनों के भीतर सभी मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो एनएसयूआई अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के अधिकारों, शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं को लेकर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आंदोलन का नेतृत्व एनएसयूआई मांडर कॉलेज अध्यक्ष अमन शहजाद, एनएसयूआई रांची विश्वविद्यालय महासचिव अबू राफे तथा कॉलेज उपाध्यक्ष अबू सानीब ने किया।
इस अवसर पर एनएसयूआई रांची विश्वविद्यालय के अध्यक्ष अधिवक्ता कैफ़ अली, अबू राफ़े अंसारी सहित कॉलेज के अन्य छात्र मौजूद थे।