भू-बैकुंठ बदरीनाथ में आज खडग-पूजन के बाद बंद हो जाएगा वेद ऋचाओं का वाचन

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25 नवंबर को मां लक्ष्मी का बदरीनाथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश होगा और फिर लक्ष्मी-नारायण को घृत कंबल से ढंक दिया जाएगा। इसी दिन शुभ मुहूर्त में अपराह्न 2 बजकर 56 पर बदरीनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। मंदिर को फूलों से सजाया जा रहा है और तीर्थ पुरोहितों के साथ ही स्थानीय लोग भी तैयारियों में जुटे हैं।

बदरी धाम के कपाट बंद होने के बाद 26 नवंबर को सुबह श्री कुबेर जी व उद्धव जी का पांडुकेश्वर व शंकराचार्य की गद्दी का नृसिंह मंदिर ज्योर्तिमठ के लिए प्रस्थान होगा। श्रीबदरी-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि कपाट बंद होने की तमाम तैयारियां पूरी कर ली गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और उनके लिए तमाम सुविधाएं जुटा दी गई है।