यह कार्रवाई थाना की गोपनीयता के गंभीर उल्लंघन और कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही के मामले में की गई। निरीक्षण के दौरान, वरीय पुलिस अधीक्षक ने अपर थानाध्यक्ष की कुर्सी पर एक बाहरी व्यक्ति को अवैध रूप से बैठा पाया। इस पर उन्होंने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, मढ़ौरा को जांच का निर्देश दिया। जांच में सामने आया कि कुर्सी पर बैठा व्यक्ति स्वयं को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सारण से पारा विधिक स्वयंसेवक बता रहा था, लेकिन वह अपने कार्यकाल की वैधता का कोई संतोषजनक प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। उक्त व्यक्ति के मोबाइल फोन की जांच करने पर यह खुलासा हुआ कि वह भेल्दी थाना से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों का अवैध रूप से आदान-प्रदान कर रहा था।
जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट उल्लेख किया गया कि थानाध्यक्ष हरेराम कुमार ने उक्त बाहरी व्यक्ति के अनियमित एवं अवरोध-रहित प्रवेश को नहीं रोका। चौकीदार 4/2 शैलेन्द्र कुमार की भूमिका भी गोपनीय सूचनाओं के आदान-प्रदान में संदिग्ध पाई गई। जांच प्रतिवेदन के आलोक में और प्रथम दृष्टया संदिग्ध भूमिका पाए जाने पर, वरीय पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष, हरेराम कुमार और चौकीदार 4/2 शैलेन्द्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केन्द्र, सारण निर्धारित कर किया गया। दोनों कर्मियों को विभागीय कार्यवाही के विरुद्ध 07 दिनों के अंदर स्पष्टीकरण देने की मांग की गई।
सारण पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विभागीय अनुशासन, गोपनीयता और कानून व्यवस्था पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने जोर देकर कहा कि इस प्रकार की किसी भी अनियमितता एवं मिलीभगत पर कठोरतम कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।