राज्यपाल ने अध्यापक एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जैसे सात रंग मिलकर इंद्रधनुष की सुंदरता बढ़ाते हैं, वैसे ही विद्यार्थियों के मन में भी अनेक प्रकार के रंग अर्थात् विविध कौशल और प्रतिभाएँ होती हैं। इन प्रतिभाओं को पहचानना, संवारना और उन्हें आगे बढ़ाना ही शिक्षकों, अभिभावकों तथा समाज की जिम्मेदारी है।
राज्यपाल ने बताया कि राजभवन परिसर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे अत्यंत मेधावी हैं। वे विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। राजभवन द्वारा भिक्षावृत्ति से मुक्ति दिलाकर लगभग 1000 बच्चों का नामांकन स्कूल में कराया गया है, जिन्हें अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है तथा उनके कौशल विकास पर भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।राज्यपाल ने बताया कि अब राजभवन की टीम अमीरूद्दौला इस्लामिया इंटर कॉलेज में आकर बच्चों को बैंड का प्रशिक्षण देगी। उन्होंने कहा कि बच्चों को बैंड की विधिवत शिक्षा देने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ की जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की प्रतिभा और अनुशासन दोनों का विकास होगा। राज्यपाल ने बच्चों को अपना कार्य स्वयं करने की आदत विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया, क्योंकि आत्मनिर्भरता ही व्यक्तित्व को दृढ़ और सशक्त बनाती है।