जनजातीय इलाकों में कई स्थानों पर पारा माइनस में बना हुआ है। लाहौल-स्पीति जिले के ताबो में न्यूनतम तापमान –4.6 डिग्री, कुकुमसेरी में –2.8 डिग्री, और केलांग में –2.1 डिग्री दर्ज किया गया। तापमान शून्य से नीचे पहुंचने के कारण लाहौल-स्पीति के कई गांवों में प्राकृतिक जल स्रोत जमने लगे हैं, जिससे स्थानीय लोगों की दिक्कतें बढ़ रही हैं। सुबह और देर शाम सड़कों पर फिसलन भी बढ़ गई है।
राजधानी शिमला में भी ठंड लगातार बढ़ रही है। शहर का न्यूनतम तापमान बीती रात 8.6 डिग्री से गिरकर अब 7.6 डिग्री पर आ गया है, यानी एक डिग्री की कमी दर्ज हुई है। वहीं निचले हिमाचल में भी ठंड का प्रभाव बढ़ गया है। खास बात यह है कि हमीपुर आज शिमला से भी ज्यादा ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ।
राज्य के अन्य प्रमुख शहरों के न्यूनतम तापमान की बात करें, तो सुंदरनगर 5.7 डिग्री, भुंतर 2.1 डिग्री, कल्पा 0.2 डिग्री, धर्मशाला 9.4 डिग्री, ऊना 8.5 डिग्री, नाहन 8.1 डिग्री, पालमपुर 5.5 डिग्री, सोलन 4.8 डिग्री, कांगड़ा 8.4 डिग्री, मंडी 5.7 डिग्री, बिलासपुर 10.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
हिल स्टेशनों में भी ठंड तेज है। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली का न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री रहा, जबकि कुफरी में 5.8 डिग्री दर्ज किया गया। बर्फबारी न होने के बावजूद दोनों जगहों पर शीतलहर जैसा माहौल बना हुआ है।
मैदानी क्षेत्रों में भी ठंड बढ़ने के साथ-साथ कोहरे का असर दिखाई देने लगा है। आज सुबह कई हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा। सुंदरनगर और बिलासपुर में दृश्यता केवल 100 मीटर तक ही सीमित रही, जबकि मंडी में दृश्यता 600 मीटर दर्ज की गई। इससे सुबह-सुबह वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और चालक विशेष सतर्कता के साथ सफर करते दिखे।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय न होने के कारण हिमाचल में अगले कई दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा। ऊपरी पहाड़ी इलाकों में कड़ाके की ठंड और मैदानी हिस्सों में सुबह-सुबह कोहरा पड़ने का दौर आगे भी जारी रहने की संभावना है।