वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण,राष्ट्रभक्ति और एकता की भावनाओं से ओतप्रोत हुआ चम्पावत

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सुबह से ही जिले के सभी सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, विकास भवन, कलेक्ट्रेट परिसर और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन हुआ। इस दौरान अधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और आमजन एक साथ राष्ट्रगीत गाते हुए देखे गए। जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित मुख्य समारोह में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने ‘वंदे मातरम’ के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह गीत भारत के सम्मान, स्वाभिमान और एकता का प्रतीक है। जिलाधिकारी ने बताया कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने भारतीयों में स्वतंत्रता की भावना जगाई थी, और आज भी यह राष्ट्र के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी को मजबूत करता है।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों और नई पीढ़ी को ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व से अवगत कराया गया। जिला सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी कृष्णा नाथ गोस्वामी सहित कई अधिकारी, शिक्षाविद् और नागरिक उपस्थित थे। इस दौरान पूरा जनपद राष्ट्रभक्ति के नारों और ‘वंदे मातरम’ के जयघोष से गूंज उठा।