श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का पंचम दिवस

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कथा व्यास ने प्रमुख रूप से भगवान कृष्ण द्वारा माखन चोरी और गोपियों के प्रसंगो के साथ ही पूतना बध, कालिया नाग दमन, गोबर्धन लीला आदि प्रसंगो का तार्किक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद भागवत के अक्षर अक्षर मे भगवान श्री कृष्ण नाम का समावेश है।

कथा ब्यास नीरज शास्त्री ने कहा कि संतो के कृपा प्रसाद व भगवान की कृपा से दिब्य भागवत के आयोजन संभव है। गुरुवार को कथा समागम के पांचवे दिवस बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती विशेष रूप से उपस्थित रहे। शंकराचार्य श्री मठस्थली मे आयोजित श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ मे प्रथम बार एक साथ ग्यारह विद्वान ब्रह्मण प्रतिदिन श्रीमद भागवत महापुराण का पारायण कर रहे है, साथ ही पाठात्मक शत चंडी यज्ञ भी किया जा रहा है।

जो वैदिक ब्राह्मण महापुराण का पारायण कर रहे हैं उनमे आचार्य दीर्घायु प्रदाली, दिवाकर डिमरी, राहुल गौड़, पीयूष दरमोड़ा, कैलाश बैंजवाल, प्रदीप कांडपाल, प्रेमचन्द्र त्रिपाठी, अभिषेक तिवारी, दिनेश चन्द्र सती, मयंक तिवारी व दीपांशु भट्ट शामिल हैं।

शंकराचार्य श्री मठस्थली के प्रबंधक बशिष्ठ ब्रह्मचारी जी महाराज द्वारा आँगतुक भक्तों का स्वागत करते हुए उनके द्वारा व्यास पीठ पर विराजमान कथा व्यास आचार्य नीरज कांडपाल का माल्यार्पण कराया जा रहा है। पंचम दिवस की कथा मे मौजूद रहे श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने ब्रह्मलीन महाराज श्री का स्मरण करते हुए इस कथा आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए महाराज श्री के पद चिन्हो पर चलते हुए प्रति वर्ष इस प्रकार के आयोजनो की अपेक्षा की। कथा श्रवण के लिए प्रतिदिन भक्तजन पहुंच कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे है। कथा ज्ञान यज्ञ के मुख्य यजमान पंडित अरविन्द चमोली हैं।