गोपालगंज में 65.85% मतदान के साथ लोकतंत्र का पर्व संपन्न, 46 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में कैद

Share

प्रशासनिक प्रयासों और मतदाताओं के उत्साह की वजह से मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। शाम 6 बजे तक औसत 65.85प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। महिलाओं की भागीदारी इस बार पुरुषों से अधिक रही, जिससे मतदान प्रतिशत बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई।

इस बार का चुनाव जातीय समीकरणों के साथ-साथ महिलाओं के खातों में आए 10 हजार रुपए और सरकार की लाभकारी योजनाओं के इर्द-गिर्द घूमता रहा। कई बूथों पर मतदाता विकास योजनाओं, बिजली-सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं और रोजगार के मुद्दों पर चर्चा करते दिखे। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बार जातिवाद का असर तो रहा, लेकिन विकास और कल्याणकारी योजनाएं प्रमुख एजेंडा बनकर उभरीं।भाजपा के मिथिलेश तिवारी, राजद के प्रेम शंकर यादव, जदयू के मंजीत कुमार सिंह, राजद के दिलीप कुमार सिंह, बसपा के रेयाजुल हक राजू, जनसुराज के फैज अहमद,भाजपा के सुबाष सिंह, कांग्रेस के ओमप्रकाश गर्ग, बसपा से साधु यादव की पत्नी इंदिरा देवी, जदयू के रामसेवक सिंह, राजद के राजेश कुमार सिंह, जदयू के सुनील कुमार, माले के धनंजय पासवान, जदयू के अमरेन्द्र कुमार पांडेय और कांग्रेस के हरिनारायण सिंह जैसे चर्चित नाम शामिल हैं।मतदान के बाद अधिकांश प्रमुख प्रत्याशी मतदाताओं के उत्साह से खुश दिखे। कई उम्मीदवारों ने मतगणना से पहले ही जनता के प्रति आभार व्यक्त किया। बरौली के एक प्रत्याशी ने कहा कि लोगों ने जाति से ऊपर उठकर विकास पर वोट दिया है, यह लोकतंत्र की जीत है। जिले में पूरे दिन शांतिपूर्ण मतदान संपन्न होने पर डीएम पवन कुमार सिन्हा और एसपी अवधेश दीक्षित ने सभी मतदाताओं और अधिकारियों को धन्यवाद दिया। अब सभी की निगाहें 14 नवंबर पर टिकी हैं, जब ईवीएम की हर मशीन से निकलेगा जनता का फैसला और तय होगा कि गोपालगंज की छह सीटों पर कौन करेगा कब्जा।