मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार राज्य के पर्यटन और आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल कांगड़ा जिले, बल्कि आसपास के अन्य जिलों की अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे के विस्तार से क्षेत्र में उच्च श्रेणी के पर्यटक आकर्षित होंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में हेलीपोर्ट स्थापित करने की विभिन्न परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को इन परियोजनाओं के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि संजौली और रामपुर हेलीपोर्ट के लिए डीजीसीए से परिचालन प्राधिकरण मिल चुका है, और अब शेष औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा कर संचालन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने मंडी जिले के कंगनीधार, कांगड़ा के रक्कड़ और पालमपुर, कुल्लू के सुल्तानपुर, किन्नौर के रिकांगपिओ तथा हमीरपुर के जसकोट में बन रहे अन्य हेलीपोर्ट की प्रगति की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन सभी हेलीपोर्ट का निर्माण कार्य अगले वर्ष तक पूरा कर लिया जाए ताकि पर्यटकों को बेहतर हवाई संपर्क सुविधा मिल सके।
उन्होंने कहा कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और सरकार इसका विस्तार बड़े पैमाने पर कर रही है। मुख्यमंत्री ने बिलासपुर जिले में औहर पर्यटन परिसर के निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की और इसे तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का अब तक लगभग 46 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने एशियाई विकास बैंक के वित्त पोषण से चल रही विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं की भी प्रगति जानी और संबंधित विभागों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।