विद्यार्थियों का प्रतियोगिताओं में भागीदारी उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक : डॉ किरन झा

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निदेशिका डॉ किरन झा ने अपने प्रेरणादायक शब्दों में उपस्थित विद्यार्थियों को संदेश दिया कि प्रतियोगिताओं में भागीदारी उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है । सह-निदेशक डॉ मानस उपाध्याय ने अपने सहज अंदाज़ में विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

राजनीति विज्ञान की सहायक आचार्य शैली पाण्डेय ने भूमिका बनाते हुए 130वां संवैधानिक संशोधन विधेयक पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संकाय के विभिन्न विषयों के छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भागीदारी ली । निर्णायक मण्डल द्वारा प्रतिभागियों की प्रस्तुति को विषय-वस्तु, अभिव्यक्ति, व समयनिष्ठता के आधार पर मूल्यांकित किया।

प्रो.डी सी श्रीवास्तव ने इस विधेयक की प्रासंगिकता पर बल देते हुए विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इसका गहन अध्ययन करें। प्रो.आशुतोष सक्सेना ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए वाद-विवाद के लिए वांछनीय गुणों पर प्रकाश डाला साथ ही विद्यार्थियों को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए मार्गदर्शन दिया।

विजेताओं में प्रथम स्थान बी ए अर्थशास्त्र द्वितीय वर्ष की तूबा ख़ान, द्वितीय स्थान बी ए राजनीति विज्ञान प्रथम वर्ष की क्रतिका अवस्थी, तृतीय स्थान बी ए राजनीति विज्ञान द्वितीय वर्ष के कार्तिकेय सिंह, व सांत्वना पुरस्कार बी ए राजनीति विज्ञान प्रथम वर्ष के यशवर्धन सिंह को मिला।

निदेशिका डॉ किरन झा व निर्णायक मण्डल द्वारा विजेताओं को पुरस्कृत किया गया । सहायक आचार्य ईशा त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

कार्यक्रम का संचालन राजनीति विज्ञान की छात्राओं नित्या खन्ना व अनुभवी प्रजापति द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के शिक्षक भी उपस्थित रहे ।