प्रदर्शनी में यह दर्शाया गया है कि सहकारिता आंदोलन ने पिछले 25 वर्षों में किसानों, श्रमिकों और आम नागरिकों के जीवन में किस प्रकार आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन लाया है। स्टॉल में सहकारी शक्कर कारखानों, इथेनाल संयंत्रों, प्राथमिक कृषि साख समितियों, धान उपार्जन प्रणाली, किसान क्रेडिट कार्ड योजना और सहकारी बैंकों में कोर बैंकिंग सॉल्यूशन जैसी प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है।
स्टॉल में यह भी उपयोगी जानकारी दी गई कि प्रदेश में 725 नई सहकारी समितियों का गठन हुआ है तथा 695 समितियों में गोदाम-सह-कार्यालय भवन बन चुके हैं। धान खरीदी केंद्रों का पूर्ण कम्प्यूटराइजेशन किया गया है जिससे किसानों को पारदर्शी और त्वरित भुगतान मिल रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़कर 20 लाख से अधिक हो गई है।
स्टॉल में ‘सहकार से समृद्धि’ की भावना को फोटो, चार्ट और डिजिटल माध्यम से जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है। “अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025” के अंतर्गत राज्य में आयोजित गतिविधियों जैसे ड्रोन तकनीक प्रदर्शन, किसान संगोष्ठियाँ, जैविक सप्ताह, वृक्षारोपण अभियान और फार्मर पंजीयन की जानकारी भी दी गई है।