स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि 11 हजार पावर की बिजली तार टूटकर गिर गयी, जिसकी सूचना बिजली विभाग के जेई को दिया गया। बिजली मिस्त्री आया लेकिन वह बिजली तार नहीं जोड़ा। तार जोड़ने के लिए पैसे की डिमांड किया गया,जब गांव वाले नहीं दिया तो यूं हीं छोड़कर चला गया।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बिजली कटा हुआ था तब हमलोग तार हटा दिया,हमलोग को लगा कि बिजली विभाग बिजली बंद कर दिया लेकिन बिना तार जोड़े पुनः बिजली सप्लाई कर दिया,जिसके चपेट में आने से 30 वर्षीय उमेश यादव पिता कैलाश यादव की मौत हो गयी।