सुनवाई के दौरान डीजीपी वीसी के जरिए अदालत से जुडे। वहीं साइबर सेल के एडीजी सहित अन्य आलाधिकारी व जयपुर पुलिस कमिश्नर अदालत में पेश हुए। पुलिस कमिश्नर ने अदालत को ठगी के तरीकों के बारे में बताया। उन्होंने अदालत को बताया कि इस तरह के मामलों में कई चुनौतियां आती है। कई बार आरोपित विदेश में बैठकर ठगी की वारदात करते हैं। ऐसे में इनके आईपी एड्रेस भी देश के बाहर के होते हैं। इसके बावजूद तकनीक के आधार पर मुख्य मुल्जिम को पकडने की कोशिश की जाती है। इस दौरान अदालत ने केन्द्र सरकार के एएसजी भरत व्यास को बुलाकर कहा कि वे बताए कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए केन्द्र सरकार की ओर से क्या उपाय किए गए हैं। वहीं ऐसे कौन से उपाय किए जाए कि साइबर ठगी बंद हो। इस पर एएसजी और डीजीपी की ओर से कहा कि वे इस संबंध में तीन नवंबर तक विस्तृत रिपोर्ट पेश कर देंगे।