पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी ने हादसे में 20 मौतों की पुष्टि करते हुए बताया कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। उन्होंने कहा कि बस की बेट्री में शॉर्ट सर्किट होने से एसी की गैस फैल गई, जिससे कुछ ही मिनटों में पूरी बस आग का गोला बन गई। बस की बनावट भी संकरी थी। इन लोगों ने इमरजेंसी गेट भी पीछे लगा रखा था। जबकि दोनों तरफ होना चाहिए। इमरजेंसी तीन दरवाजे होने चाहिए। नई गाड़ी थी और एसी की गैस भी पूरी भरी हुई थी। लोगों को संभलने का भी मौका नहीं मिला। महज पांच से सात मिनट में ही बस आग का गोला बन गया।
विधायक महंत प्रतापपुरी ने कहा कि इस हादसे में 19 यात्री बस में ही जल गए थे। एक की जोधपुर में रेफर करने के दौरान मौत हो गई। मौके पर पहुंचे सीएम भावुक हो गए थे और वे अपने आप को नहीं संभाल पा रहे थे। इस घटना ने सभी को दुखी किया है। शवों की पहचान डीएनए से होगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना की गंभीरता एवं दुखांतिका के कारण बुधवार को पटना में प्रचार का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है
पुलिस के अनुसार हादसा जैसलमेर के थईयात गांव के पास दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ। बस रोजाना की तरह जैसलमेर से जोधपुर के लिए रवाना हुई थी। करीब 20 किलोमीटर दूर पहुंचने पर बस के पिछले हिस्से से अचानक धुआं उठने लगा और कुछ ही क्षणों में आग भड़क गई। घबराए यात्रियों ने बचने के लिए चलती बस से कूदना शुरू कर दिया। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और दमकल विभाग व पुलिस को सूचना दी।
बस में कुल 57 यात्री सवार थे। घायलों को पहले जैसलमेर के जवाहिर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से सभी को जोधपुर रेफर कर दिया गया। अधिकांश यात्री 70 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। मृतकों की पहचान डीएनए परीक्षण से की जाएगी। जोधपुर से डीएनए और फोरेंसिक टीम जैसलमेर पहुंच चुकी है।
जिला कलेक्टर प्रताप सिंह के अनुसार हादसे में झुलसे लोगों को जोधपुर रेफर कर दिया गया है। उन्होंने इस हादसे में मृतकों के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई है। कलेक्टर कहा कि मैं मृतक यात्रियों के परिजनों से अपील करता हूं कि वे इनकी पहचान के लिए जिला प्रशासन की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर पर कॉन्टैक्ट करें।