पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी (सुरक्षा) डॉ. विष्णुकांत ने बताया कि आपरेशन सिन्दूर के पश्चात् राजस्थान इंटेलिजेंस की ओर से प्रदेश के सामरिक महत्व के क्षेत्रों पर गहनता से निगरानी रखी जा रही है। अलवर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का अति महत्वपूर्ण सामरिक एवं संवेदनशील क्षेत्र है। अलवर स्थित छावनी क्षेत्र की निगरानी के दौरान गोविंदगढ़ जिला अलवर निवासी मंगत सिंह की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई।
विगत दो वर्षो से मंगत सिंह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हेण्डलरों से सोशल मीडिया के माध्यम से सम्पर्क मे था। मंगत सिंह द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के पूर्व व पश्चात महिला पाक हैण्डलर छद्म नाम ईशा शर्मा से हनीट्रैप व धनराशि के लालच में सोशल मीडिया के माध्यम से अलवर शहर की अति महत्वपूर्ण छावनी इलाके एवं देश के अन्य सामरिक स्थलों की महत्वपूर्ण सूचनाएं उन्हें निरन्तर साझा की जा रही थी ।
केन्द्रीय पूछताछ केन्द्र जयपुर पर विभिन्न इंटेलिजेंस एजेंसियों द्वारा की गई पूछताछ एवं उसके मोबाइल के तकनीकी परीक्षण पर उपरोक्त तथ्यों की पुष्टि होने पर थाना स्पेशल पुलिस स्टेशन राजस्थान जयपुर पर मंगत सिंह के विरुद्ध शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत मुकदमा दर्ज कर सीआईडी इंटेलीजेंस राजस्थान द्वारा गिरफ्तार किया गया।