उन्होंने कहा कि उनकी विदेश नीति का मूलमंत्र “वसुधैव कुटुंबकम्” और “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” रहा है। बुधवार को जारी प्रेस बयान में भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मोदी ने दुनिया को यह संदेश दिया कि विकास और प्रगति तभी स्थायी हो सकते हैं, जब उनमें शांति और सहयोग की नींव हो।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार यह मुद्दा उठाया कि आतंकवाद केवल किसी एक देश की समस्या नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए खतरा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा से लेकर जी 20 और एससीओ तक, उन्होंने शांति के लिए आतंकवाद-मुक्त विश्व की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा मोदी ने शांति को केवल हथियारों के अभाव तक सीमित न रखकर पर्यावरणीय संतुलन और जलवायु न्याय से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान उनका संदेश “यह युद्ध का युग नहीं है” विश्व नेताओं द्वारा व्यापक रूप से सराहा गया। यह कथन आज वैश्विक शांति की दिशा में भारत की नैतिक नेतृत्वकारी भूमिका का प्रतीक बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज शांति और आत्मिक संतुलन का वैश्विक पर्व बन चुका है। इस प्रकार प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की प्राचीन शांति-दृष्टि को आधुनिक वैश्विक कूटनीति से जोड़ते हुए, विश्व समुदाय को यह विश्वास दिलाया है कि भारत न केवल सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि विश्व शांति का पथप्रदर्शक भी है।
राकेश शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक एक विकसित भारत का सपना देखा है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत की इकोनॉमी 4 ट्रिलियन डॉलर है। कुछ ही सालों में भारत जर्मनी को छोड़कर तीसरी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने कहा कांग्रेस के समय भारत की अर्थव्यवस्था टॉप 10 में भी नहीं थी। प्रधानमंत्री मोदी के विजन के तहत भारत की अर्थव्यवस्था पिछले 11 वर्षों में सभी पहलुओं पर मजबूत हुई है।