ज्ञापन में बताया गया कि महाविद्यालय के अतिथि शिक्षक देवेन्द्र दुबे द्वारा लगातार छात्राओं के साथ अभद्र एवं आपत्तिजनक व्यवहार किया जा रहा है। शिकायतों के अनुसार, शिक्षक द्वारा अनुचित टिप्पणियाँ करना, कपड़ों पर टिप्पणी करना, छात्राओं का पीछा करना तथा उन्हें संदेश भेजना जैसी गंभीर गतिविधियाँ की जाती हैं, जो न केवल अनुशासनहीनता का उदाहरण हैं बल्कि छात्राओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाला अपराध भी है।
इसके साथ ही आरोप लगाया गया कि देवेन्द्र दुबे द्वारा जातिगत भेदभाव किया जा रहा है और वे विद्यार्थियों को उनकी जाति अथवा अपनी व्यक्तिगत पसंद के आधार पर अंक प्रदान करते हैं। एबीवीपी ने यह भी उल्लेख किया कि एच.ओ.डी. और प्रोफेसर पर परीक्षाओं में धाँधली करने के आरोप लगे हैं, जिसमें पैसों के लेन-देन की बात भी सामने आई है, यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
साथ ही यह भी बताया गया कि जिन्होंने इन घटनाओं की शिकायत की थी, उन छात्राओं पर विभागाध्यक्ष द्वारा दबाव बनाया जा रहा है कि वे अपनी शिकायतें वापस लें। यह कार्यवाही न केवल गलत है बल्कि छात्रों की सुरक्षा भावना को कमजोर करने वाला कदम है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के महानगर मंत्री आर्यन पुंज ने कहा कि “जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इस प्रकार की अनियमितताएँ और छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार अत्यंत निंदनीय है। यदि प्रशासन शीघ्र आवश्यक कार्यवाही नहीं करता, तो एबीवीपी विद्यार्थियों के भविष्य और महाविद्यालय की गरिमा की रक्षा हेतु उग्र आंदोलन करने पर बाध्य होगी। परिषद् किसी भी स्थिति में छात्र हितों से समझौता नहीं करेगी।
इस दौरान परिषद् के महानगर मंत्री आर्यन पुंज, ऐश्वर सोनकर,अंचल मिश्रा , अक्षत ताम्रकार ,आशुतोष पटेल, दिव्यांक पचौरी, प्रफुल तिवारी, भास्कर पटेल , सार्थक तिवारी , आदित्य सिनोदिया यश पटेल ,आयुष कोष्टा, आराध्य निगम उपस्थित रहे।