इस दौरान उन्होंने कहा कि, रेल दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए क्षेत्रीय कर्मचारियों के साथ निरन्तर और सुदृढ़ समन्वय बनाए रखना आवश्यक है। अधिकारियों को अधिक से अधिक समय क्षेत्र में जाकर कर्मचारियों से संवाद करना चाहिए तथा उनके साथ निकटता से कार्य करना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पॉइंट एवं क्रॉसिंग दुर्घटनाओं की दृष्टि से अत्यन्त संवेदनशील होते हैं, अतः इनका समुचित रखरखाव किया जाए तथा नए पॉइंट एवं क्रॉसिंग को वक्र (कर्व) पर लगाने से बचा जाए ।
लूप लाइन का अनुरक्षण भी मुख्य लाइन के समान ही किया जाना चाहिए। नई लाइन का निर्माण करते समय केवल समीपवर्ती लाइन की भौगोलिक स्थिति की नकल करने के बजाय उसके लिए उपयुक्त पद्धति अपनाई जानी चाहिए। कोच एवं डिब्बों के अनुरक्षण में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर बल दिया गया। अनुरक्षण कार्य पूर्ण होने के पश्चात गहन जाँच के उपरान्त ही उसे अंतिम स्वीकृति प्रदान की जाए।