बुधवार पीडीएनए की टीम जिला मुख्यालय पहुंचकर कर कलेक्ट्रेट के सभागार कक्ष में प्रेजेंटेशन के माध्यम से आपदा की स्थिति को समझा। यह टीम केंद्र सरकार, राज्य सरकार के विशेषज्ञों से मिलकर बनी है। बाद में आलाअधिकारियों के साथ जिला मुख्यालय करीब 80 किलोमीटर दूर आपदा प्रभावित धराली हर्षल के लिए रवाना हुए हैं।
टीम धराली हर्षिल वैली में आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान, क्षति और विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं का वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से आंकलन करेगी तथा इसके आधार पर पुननिर्माण और पुनर्वास की रिपोर्ट तैयार करेगी ।
बता दें कि जनपद में 5 अगस्त को आई धराली-हर्षिल आपदा और यमुना घाटी के स्यानाचट्टी तथा जनपद के अन्य स्थानों पर आपदा से क्षतिग्रस्त होने के बाद स्थिति का विस्तृत आंकलन करने और नुकसान का अनुमान लगाने के लिए एक बहु-क्षेत्रीय आपदा पश्चात आवश्यकता आंकलन करने टीम बुधवार को जनपद मुख्यालय पहुंची।
पीडीएनए की टीम ने कृषि, बुनियादी ढांचे ,सड़कें, पुल, बिजली, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुए नुकसान का जायजा लिया।टीम का उद्देश्य जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मिलकर एक सटीक डाटा इकट्ठा करना करना है। पीडीएनए टीम में प्रतिष्ठित संस्थाओं के विशेषज्ञ शामिल हैं।