बुधवार को सफाई कर्मियों ने कहा कि वे लंबे समय से बकाया वेतन और भत्ते की समस्या से जूझ रहे हैं। साथ ही उन्हें स्थायी नियोजन की गारंटी, कामकाज की परिस्थितियों में सुधार, आधुनिक सुरक्षा उपकरण और सुविधाओं की उपलब्धता की मांग की है। इसके अलावा पीएफ, ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी उन्हें अभी तक नियमित रूप से नहीं मिल रहा है। इन मुद्दों को लेकर यूनियन ने प्रबंधन को कई बार ज्ञापन सौंपा, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।
झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन को यूनियन नेताओं ने मजदूरों की मजबूरी करार दिया है। यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि प्रबंधन बार-बार चर्चा करता है, लेकिन समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाता। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक सभी मांगों पर लिखित समझौता नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, सेल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सफाई कर्मियों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही स्थिति सामान्य बनाने के प्रयास किए जाएंगे। हालांकि, वार्ता विफल होने से अभी तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
वहीं लगातार हड़ताल के कारण गुवा सेल परिसर और आसपास की कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जगह-जगह कचरे का अंबार लग गया है और दुर्गंध फैलने से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही समाधान नहीं निकला तो स्वास्थ्य संबंधी संकट खड़ा हो सकता है।