जारी विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि टेंडर प्रक्रिया जीईम पोर्टल के माध्यम से होती है, जहां गड़बड़ी की संभावनाएं लगभग नगण्य हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह कदम महज राजनीतिक नौटंकी है। विभाग न तो इस तरह की राजनीति से डरने वाला है और न ही जांच प्रभावित होगी। जांच पूरी होने के बाद सच सबके सामने होगा। दोषी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग, टेंडर घोटाले के आरोपों पर भाजपा के आरोपों को विभाग ने पहले ही गंभीरता से लिया था। शिकायतकर्ता विजय चंद्रा की शिकायत को एक माह पूर्व ही संज्ञान में लेकर विभाग ने दुमका, रांची, बोकारो, देवघर और सरायकेला-खरसावां जिलों के सिविल सर्जनों को जांच के आदेश दे दिया था।
मंत्री ने कहा कि वर्तमान में जांच की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि जैसे ही जांच रिपोर्ट प्राप्त होगी, यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता सामने आती है तो दोषियों पर नियम सम्मत और कठोर कार्रवाई की जाएगी।