मुख्यमंत्री शर्मा ने राज्य में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा दीर्घकालिक ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से केन्द्रीय कोयला मंत्रालय से इस परियोजना के लिए कोल लिंकेज का आवंटन किया था। उन्होंने केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहरलाल के समक्ष इस परियोजना के राज्य में स्थापित होने से अपेक्षित प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष आर्थिक, सामाजिक व तकनीकी लाभों पर पुरजोर तरीके से पक्ष रखा था। मुख्यमंत्री के इन्हीं प्रयासों के फलस्वरूप केन्द्र सरकार की अधिकार प्राप्त समिति (एम्पावर्ड कमेटी) ने परियोजना को राजस्थान में ही स्थापित करने का निर्णय किया है।
40 हजार करोड़ का होगा निवेश, रोजगार के अवसर होंगे सृजित
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार भविष्य की ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए बेस मांग पूर्ति हेतु कोयला आधारित परियोजनाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। 3200 मेगावाट की कोल आधारित परियोजना की स्थापना से लगभग 40 हजार करोड़ का निवेश होगा, जिससे राज्य में राजस्व वृद्धि के साथ ही रोजगार के अवसरों का भी सृजन होगा।