राजकीय शिक्षक संघ ने गंगा तट पर किया सीधी भर्ती नियमावली का तर्पण

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बता दें कि राजकीय शिक्षक संघ जनपद उत्तरकाशी में प्रधानाचार्य सीमित विभागीय सीधी भर्ती नियमावली 2022 को निरस्त करने, सभी स्तरों की शत प्रतिशत पद्दोन्नति, स्थानान्तरण एवं अन्य लम्बित मुद्दों को लेकर प्रांतीय कार्यकारिणी उत्तराखंड के आह्वान पर बीते 18 अगस्त आंदोलन लगातार जारी है।

रविवार को राजकीय शिक्षक संघ उत्तरकशी ने मणिकर्णिका घाट पर गंगा तट पर विभागीय नियमावली के सीधी भर्ती का तर्पण किया है।

राजकीय सदस्य चरणबद्ध आंदोलनरत हैं। लगातार विभाग, सरकार व शासन से अपनी न्यायोचित मांगों (सभी स्तरों की शत-प्रतिशत पदोन्नति, सीमित विभागीय भर्ती परीक्षा नियमावली को निरस्त करने एवं स्थानान्तरण प्रक्रिया बहाल करने) के लिए निरंतर अनुनय-विनय करते-2 अब पूरे प्रदेशभर में शिक्षक शिक्षिकाएं आक्रोशित हैं। सभी राजकीय शिक्षक, शिक्षिकाओं द्वारा कार्यरत विद्यालयों में शिक्षण कार्य करते हुए, निरंतर विविध माध्यमों से अपनी मांगो हेतु संघर्षरत हैं।

इसी क्रम में विगत 5 सितम्बर 2025 को शिक्षक दिवस के दिन भी, सभी शिक्षकों द्वारा, सरकार के द्वारा’ मनाये जाने वाले पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का पूर्ण विरोध किया। विभाग जहाँ सरकार के दिशा-निर्देशन में उत्कृष्ट शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षक । शिक्षिकाओं को पुरस्कृत करने का ढोंग करता है, वहीं शिक्षकों को 25 से 30 वर्षों तक एक ही पद पर रखते हुए सेवानिवृत कर रहा है। जिससे छात्रों को भी पर्याप्त शिक्षक नहीं मिल पा रहें हैं।

जनपद उत्तरकाशी में ही वर्तमान’ में 96 पद प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक विहीन हैं। जिन पर संगठन विगत कई वर्षों से पदोन्नति की मांग कर रहा है। लेकिन विभाग सदैव वरिष्ठता निर्धारण में विसंगति की बात कोर्ट में चलरहे प्रकरण का हवाला देकर, निरंतर ही शिक्षकों व छात्रों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार प्रदर्शित करता रहा है।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अतोल महर, महर जिलामंत्री जिलामंत्र बलबूत असवाल,

जिला आय-व्यय -व्यय निरीक्षक पुरुषोत्तम सिंह सैंसाण, संयुक्त मंत्री हिमानी महूड़ा, वरिष्ठ प्रवक्ता (मीडिया) शांति प्रसाद नौटियाल, ललित मोहन भट्ट, सुशील चन्द्र यपलियाल,, मनोजपाल परंमार, महेश उनियाल, वेद प्रकाशभट्ट, डॉ शंभू प्रसाद नौटियाल, डॉ. प्रदीप कोठारी, डॉ. मुरली मनोहर भट्ट, अरविन्द‌ भट्ट, वीरेंद्र नौटियाल, अमेंद्र पाल परमार, राजेश नौटियाल, दिनेश बर्तवाल कनकपाल परमार आदि मौजूद रहे।