राय ने बताया कि अस्पताल का कचरा शनिवार को ही साफ किया गया था और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी किया गया था, फिर भी आसपास में तेज दुर्गंध फैली हुई थी। उन्होंने यह भी देखा कि अस्पताल से लगे नाले को एलएंडटी कंपनी ने कई जगह बंद कर रखा है और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिसके कारण पानी और गंदगी जम जाती है। अस्पताल और हिल व्यू कालोनी के बीच की दीवार भी टूटी हुई है, जिससे समस्या और बढ़ गई है।
निरीक्षण के दौरान एक सेवानिवृत्त वायुसेना अधिकारी ने सरयू राय को बताया कि एलएंडटी कंपनी ने उनके घर के पास खुले में शौचालय बना दिया है, जिसका गंदा पानी नाले में गिरता है और पूरे इलाके में असहनीय बदबू फैल जाती है।
इन शिकायतों पर सरयू राय ने एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक और उपाधीक्षक से बातचीत की। दोनों अधिकारियों ने लापरवाही स्वीकार की और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। राय ने घोषणा की कि वे 15 सितंबर को दोनों अधिकारियों के साथ बैठक कर इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करेंगे।
कालोनीवासियों ने विधायक से आग्रह किया कि मेडिकल कॉलेज का कचरा उनकी बाउंड्री के पास न रखा जाए। उनका कहना था कि बदबू इतनी तेज होती है कि घरों की खिड़कियां तक बंद रखनी पड़ती हैं। लोगों ने सुझाव दिया कि अस्पताल का कचरा या तो पहाड़ के किनारे या फिर आबादी से दूर निस्तारित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान सरयू राय के साथ नवीन सिंह, श्याम सिंह, सत्येंद्र सिंह, संजीव मुखर्जी, नीरज सिंह, पिंटू सिंह, पप्पू सिंह, मस्तान सिंह, संतोष भगत, मनोज राय, मनोज शर्मा, विजेंद्र सिंह और बाला प्रसाद मौजूद थे।