मणिपुर में स्थायी शांति–विकास के लिए त्वरित कदम उठाए सरकार : सुप्रियो

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भट्टाचार्य ने कहा कि मणिपुर की 30 लाख की आबादी में हजारों लोग डिटेंशन सेंटरों में बंद हैं। लाखों बेघर हो चुके हैं। लेकिन अब तक स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कुकी और मैतई समुदायों के बीच हुए संघर्ष को देश का सबसे बड़ा जातीय क्लैश बताया।

वहीं, झारखंड की स्थिति पर भट्टाचार्य ने कहा कि यहां भी ऐसी कोशिशें की जाती हैं, लेकिन हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड में सामुदायिक एकता बरकरार है।